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फलों की कम सप्लाई से कीमतें छूने लगी आसमान

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- फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर। ट्रक ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते हमीरपुर जिले में सेब, केला, नाशपाती आदि फलों की सप्लाई बंद पड़ गई है। जिले की सब्जी मंडी में फलों की सप्लाई प्रभावित होने से जहां फल कारोबारी परेशान हैं वहीं, ग्राहकों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। हालांकि, ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते सब्जियों की सप्लाई पूर्व की भांति ही हो रही है। कारोबारियों ने फलों का जो स्टॉक रखा था, वह अब खत्म हो गया है।
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इससे दुकानों में अब इन फलों को कम ही देखा जा रहा है। फलों की सप्लाई न होने से इनके दाम भी बढ़ गए हैं। केला पहले 60 रुपये दर्जन बिक रहा था, लेकिन सप्लाई न होने से केला अब 80 रुपये दर्जन बिक रहा है। वहीं नाशपाती भी पहले 120 रुपये बिक रही थी, लेकिन 150 के पार पहुंच गई है। फलों के दाम बढ़ने से लोगों को फल खरीदना मुश्किल हो रहा है। जिले के टौणी देवी ब्लॉक में केले का एकमात्र स्टोर है, लेकिन हड़ताल के कारण वहां पर पिछले पांच दिनों से केला नहीं पहुंच पाया है। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर जिले की सब्जी मंडी में पड़ा है। इस संबंध में एपीएमसी हमीरपुर अनिल चौहान का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल होने के कारण केला, सेब और नाशपाती की सप्लाई नहीं आ रही है। सब्जी की सप्लाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सब्जी मंडी में स्थानीय सब्जी की सप्लाई पर्याप्त हो रही है।

क्या कहते हैं कारोबारी-
कारोबारी अश्वनी का कहना है कि केला, सेब और नाशपाती की सप्लाई न होने के कारण उन्हें मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। हड़ताल के कारण फलों की खरीदारी कम हो गई है। उपभोक्ता केला, सेब नाशपाती की मांग कर रहे हैं लेकिन, उनके पास यह फल नहीं है।
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सोमनाथ का कहना है कि फलों की सप्लाई न होने से उनकी दुकान खाली पड़ी है। फलों को बेच कर ही वह अपने परिवार को पाल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से फलों की सप्लाई न होने से उन्हें घर का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द फलों की सप्लाई सुचारु करने की मांग उठाई है।
सुभाष चंद्र का कहना है कि फलों की सप्लाई न होने से कुछ फलों के दाम बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि केला पहले 60 रुपये दर्जन बिक रहा था, अब केले की एक दर्जन 80 रुपये में बिक रही है। वहीं नाशपाती और अन्य फलों के दाम भी बढ़ गए हैं।
बबलू का कहना है कि फलों के दाम बढ़ने से लोग फलों की खरीदारी भी कम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फलों की बिक्री कम होने से उन्हें मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। दुकान पर पहले 20 से 30 किलो फल बिकते थे, वह अब 10 यो 15 किलो ही बिक रहे हैं।
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