हमीरपुर। जिला स्तरीय उपभोक्ता दिवस पर प्रशासकीय अव्यवस्था नजर आई। जिससे कार्यक्रम में आए उपभोक्ताओं को समस्याओं से दो चार होना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की लेकिन जिस विभाग से यह कार्यक्रम संबंधित है, वहां से जिला अधिकारी से लेकर चपरासी तक कोई नहीं पहुंचा। हालांकि एक हफ्ता पहले जिला खाद्य नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस कार्यक्रम के लिए दि उपभोक्ता संरक्षण संगठन को अपनी सहमति प्रदान की थी। हमीर भवन में वीरवार को सुबह जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ तो न तो जिला खाद्य नियंत्रक इस कार्यक्रम में पहुंचे और न उनके विभाग से कोई निरीक्षण व अन्य कर्मचारी।
संगठन के अध्यक्ष की ओर से फोन कर जब पूछा गया तो किसी ने भी न आने की वजह नहीं बताई। इसके बाद जिस अधिकारी को इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित करना था, उन्होंने भी कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया। एक के बाद दूसरे अधिकारी के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से संकेत स्पष्ट था कि कोई तो है जो अधिकारियों को कार्यक्रम में जाने से रोक रहा था। दि उपभोक्ता संरक्षण संगठन के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने खाद्य नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग से अधिकारियों के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कार्यक्रम में कई लोग मौजूद थे, जिन्होंने उपभोक्ताओं से संबंधित प्रश्न पूछने थे, लेकिन अधिकारियों की गैर मौजूदगी ने उपभोक्ता विभाग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए। उधर, एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि वह दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में चैत्र मेले की ड्यूटी के कारण कार्यक्रम में नहीं आए पाए।