अवाहदेवी(हमीरपुर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के पहले बजट से पंचायतों के उपप्रधान और वार्ड सदस्य नाखुश नजर आए। ग्राम पंचायत दाड़ी, बगवाड़ा, चंबोह, समीरपुर, पंजोत, कोट लांगसा, बजडौह, बधानी आदि पंचायतों के उपप्रधानों और वार्ड सदस्यों ने इस बजट पर रोष जताया। इसमें मनोज कुमार, चमन लाल, अश्वनी गथानिया, केहर सिंह, अमृत लाल, अमर नाथ, विनोद कुमार, अमर सिंह, संजय कुमार, महेंद्र सिंह, रीना देवी, सुनीता देवी, सीमा देवी, तृप्ता देवी, कौशल्या देवी, सुनीता आदि का कहना है कि 2010 से पहले प्रधान का मानदेय 1500 और उपप्रधान का 1200 रुपये था। इसके बाद फिर प्रधान का 1800 और उपप्रधान का 1500 रुपये हुआ करता था। उन्होंने कहा कि इनके मानदेय में मात्र 300 रुपये का अंतर हुआ करता था।
सदस्यों ने कहा कि उसके बाद प्रधान का 1200 रुपये बढ़ा कर 3000 रुपये कर दिया और उपप्रधान का 700 रुपये बढ़ा कर 2200 कर दिया था। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के बजट में प्रधान का मानदेय 1000 रुपये बढ़ाया गया जबकि उपप्रधान के मानेदय में मात्र 300 रुपये बढ़ोतरी की जो प्रदेश के उपप्रधानों के साथ सरासर बेइंसाफी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो महंगाई बढ़ रही है लेकिन दूसरी तरफ मानदेय घट रहा रहा है। सदस्यों ने कहा कि पिछली बार सात सौ और इस बार सिर्फ 300 रुपये बढ़ाया गया। वार्ड सदस्यों का मात्र 30 रुपये मानदेय बढ़ाया। इससे वार्ड सदस्य भी नाखुश हैं।