हमीरपुर। भाखड़ा बांध की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए गोबिंद सागर जलाशय से बड़े स्तर पर गाद हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने बिलासपुर के लुहणू ग्राउंड और सीर खड्ड क्षेत्र में 10 वर्षों के दौरान 100 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) गाद हटाने की पायलट परियोजना शुरू की है।
मंत्रालय के अनुसार परियोजना को राजस्व सृजन मॉडल के तहत प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से लागू किया जा रहा है। चयनित एजेंसी निकाली गई गाद का व्यावसायिक उपयोग कर सकेगी, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार को रॉयल्टी, कर, शुल्क और अन्य वैधानिक देय राशि मिलेगी।
मंत्रालय ने बताया कि मार्च और अप्रैल 2026 में जारी शुरुआती निविदाएं पात्र बोलीदाता नहीं मिलने के कारण रद्द करनी पड़ी थीं। इसके बाद सीर खड्ड की निविदा में संशोधन कर दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई और 23 जुलाई 2026 को तीन कंपनियों की वित्तीय बोलियां खोली गईं। आवश्यक स्वीकृतियों के बाद डी-सिल्टेशन का कार्य शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि भाखड़ा और पौंग बांध के लिए अलग अवसाद प्रबंधन नीति नहीं बनाई गई है। बीबीएमबी राष्ट्रीय अवसाद प्रबंधन रूपरेखा के तहत कार्य कर रहा है। डीआरआईपी फेज-2 और फेज-3 के तहत भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) जलग्रहण क्षेत्र में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और गाद के स्रोतों का वैज्ञानिक अध्ययन करेगा।