हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक के साथ ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में विरेंद्र चौहान निवासी गांव मानला, ठियोग ने बताया कि कुछ समय पहले वह देव कुमार ठाकुर निवासी रोहड़ू के संपर्क में आया।
आरोपी ने बताया कि वह राज्य सचिवालय में आउटसोर्स ब्रांच का हेड है और झांसा दिया कि वह उसके भाई को हाईकोर्ट में माली की नौकरी दिलवा देगा। इसके लिए आरोपी ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग की। आधी पेमेंट आरोपी ने पहले और आधी नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने 1.20 लाख रुपये आरोपी को दे दिए, लेकिन न ही उनके भाई को नौकरी मिली और न ही पैसे वापस मिले। तब जाकर युवक को अपने साथ ठगी का आभास हुआ।
छोटा शिमला पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) और 336 (2) के तहत केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी। हालांकि, जांच में राज्य सचिवालय में इस नाम का कोई अधिकारी नहीं मिला। एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि एक युवक ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत दी है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। साल 2014 में वन विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर दो लाख का मामला सामने आया था। इसी साल सुन्नी क्षेत्र में निजी कंपनी में नौकरी दिलवाने के नाम पर 32 हजार रुपये की ठगी हुई थी।