फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमोशन में आरक्षण पर हिमाचल सरकार से जवाब तलब

Sun, 15 Sep 2013 01:51 AM IST
अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
85वें संविधान संशोधन को हिमाचल में लागू करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फैसला लेने के लिए तीन माह का समय दिया है।
विज्ञापन


शुक्रवार को जस्टिस एसएस निज्जर की अगुवाई वाली खंडपीठ ने इस अवधि के दौरान सरकारी विभागों में प्रमोशन पर लगी रोक को भी नहीं हटाया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता सूर्यनारायण सिंह ने बताया कि कोर्ट आर्डर की प्रति शनिवार शाम को मिली है और इसका अध्ययन किया जा रहा है।

खंडपीठ ने अनुसूचित जाति कर्मचारी महासंघ की ओर से अंतरिम आदेश के लिए दायर आवेदन को मंजूर करते हुए कहा, ‘हम हिमाचल सरकार को निर्देश देते हैं कि वह 85वें संविधान संशोधन पर तीन महीने के भीतर अंतिम फैसला ले।
विज्ञापन


इसके लिए राज्य सरकार या तो 25 अप्रैल 2011 को कैबिनेट सब कमेटी को सौंपे गए डाटा को आधार बनाए या फिर 30 जून 2011 तक उपलब्ध डाटा पर विचार करे। जब तक सरकार कोई फैसला नहीं लेती, तब तक प्रमोशन पर लगाई गई रोक को जारी रखा जाएगा।’

केस की सुनवाई की अगली तारीख भी तय नहीं हुई है। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार को इस बारे में फैसला लेकर सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना होगा। इसके बाद ही प्रमोशन पर रोक हटाने पर फैसला होगा।

संशोधन से बदल जाएगी वरिष्ठता सूची  
शिमला। 85वां संविधान संशोधन लागू होने के बाद एससी और एसटी के कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं में प्रमोशन में भी आरक्षण मिलेगा। वर्तमान में केवल नियुक्ति के समय आरक्षण मिल रहा है। यदि यह संशोधन लागू हुआ तो हिमाचल में वर्ष 1995-96 से वरिष्ठता सूची में बदलाव होंगे। इसी का विरोध सामान्य वर्ग के कर्मचारी कर रहे हैं।
विज्ञापन


अब अपना वादा पूरा करें मुख्यमंत्री
शिमला। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्साहित एससी-एसटी कर्मचारी संगठनों के नेताओं ज्ञान चंद भाटिया, एसपी बंसल, एमआर नेगी और वीआर नेगी आदि ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि वह अब अपना वादा पूरा करें और तीन महीने से भी कम समय में 85वें संविधान संशोधन को लागू करें। वीरभद्र सिंह ने पहले भी इसे लागू किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें