उपायुक्त ने बताया कि इस बारे मंडी जिले में सेवारत कर्नाटक राज्य से संबंध रखने वाले आईपीएस प्रोबेशनर रवि नंदन ने उस महिला से बात की, जिसके परिणामस्वरूप इस महिला के घर व उसका परिवार कहां रहता है, इस बात की पूरी जानकारी हासिल की गई व उनके परिवार से बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा परिवार था, जो इस महिला के गुम होने के बाद इसके मिलने की आशा छोड़ चुका था। इसके बच्चे व पोते यही मान रहे थे कि शायद अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। अपनों को ढूंढने में एसडीएम पालमपुर नेत्रा मैत्ती ने भी इसमें सहयोग दिया। इसके उपरांत प्रदेश सरकार के स्तर पर संबंधित कर्नाटक राज्य सरकार से सम्पर्क कर उसकी घर वापसी की राह सुनिश्चित की गई। कर्नाटक सरकार द्वारा जिला प्रशासन विजय नगर से कल्याण विभाग की तीन सदस्यों की टीम वृद्ध आश्रम, भंगरोटू भेजी गई, जो इस महिला को आज अपने साथ घर ले जा रही है।
यह महिला एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी की उपस्थिति में आज विजय नगर से आई तीन सदस्यों की टीम के सुपुर्द की गई। इस अवसर पर उपस्थित कर्नाटक के सामाजिक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधीक्षक बासोराज हेमजी ने बताया कि साकम्मा नाम की यह महिला कर्नाटक के जिला विजय नगर के गांव दनायाकनाकेरे की रहने वाली हैं तथा लगभग 20 साल पहले लापता हो गई थी। काफी ढूंढने के बावजूद इनका पता नहीं चल पाया तो घर वाले इसे मृत समझ बैठे थे। यह महिला कब और कैसे हिमाचल पहुंच गई, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि उनके कुशल-मंगल का समाचार सुनकर तीनों बच्चे व परिवारजन बेहद प्रसन्न हैं कि साकम्मा जिंदा हैं।