हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के शिक्षा खंड पांवटा साहिब की अजोली पंचायत के छलुवाला में 31 बच्चों का भविष्य एक टीन के शेड में संवर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस टीन शेड में बच्चों की कक्षाएं लगती हैं, उसी के एक कोने में मिड-डे मील भी पकाया जाता है। छलुवाला में गुज्जर समुदाय के परिवार रहते हैं। यहां के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से अक्तूबर 2022 में प्रदेश सरकार ने प्राथमिक पाठशाला खोली। स्कूल शुरू होने से क्षेत्र के बच्चों को घर के समीप शिक्षा की सुविधा तो मिली, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद स्कूल को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया। वर्तमान में पांचवीं कक्षा तक के 31 बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों की पढ़ाई के लिए विभाग के पास एक टीन शेड है, वह भी बिना दीवारों का। गर्मियों में टीन की छत तपने से बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ती है, जबकि सर्दियों में खुले शेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करना किसी चुनौती से कम नहीं है। बारिश और खराब मौसम में भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। एक ही छोटे से शेड में कक्षाएं संचालित करने के साथ मिड-डे मील तैयार किया जाता है।