नियम के अनुसार, यदि एक टीम अपना अभ्यास सत्र समाप्त करती है तो उसके बाद आने वाली दूसरी टीम को वही पुरानी पिच नहीं दी जाएगी। दूसरी टीम के लिए बिल्कुल ताजी और नई नेट पिच तैयार रखनी होगी। इसके अलावा बल्लेबाजों को लंबे शॉट खेलने का अभ्यास कराने के लिए रेंज हिटिंग के विशेष विकेट भी अलग से तैयार किए जाएंगे। मैच मिलने की स्थिति में अभ्यास पिचों का निर्माण टीमों की जरूरत और मैचों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार, ऐसी पिचें तैयार की जाएंगी जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित हों।
प्रैक्टिस एरिया में भी मुख्य पिचों की तरह ही गुणवत्ता और मिट्टी का उपयोग किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को मैच जैसा अनुभव मिल सके। एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने बताया कि फिलहाल आईपीएल के दूसरे चरण के शेड्यूल का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जैसे ही धर्मशाला को मैचों का आवंटन स्पष्ट होता है, स्टेडियम में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हर टीम के लिए अलग-अलग अभ्यास पिचों का निर्माण किया जाएगा।