फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एचपी बोर्ड के हाल: किताब में किन्नौर को लिखा जिला ट्रांसजेंडर, जिला मंडी को मार्केट; फिर छपेगी पुस्तक

Fri, 08 May 2026 09:43 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के हाल ऐसे हैं कि छठी कक्षा की किताब में किन्नौर जिले के लोगों को ट्रांसजेंडर के रूप में दर्शाया गया। इसके अलावा मंडी जिले को वाणिज्यिक मंडी के तौर पर प्रस्तुत किया गया। विवाद होता देख अब शिक्षा बोर्ड ने भी इसे बदलने का निर्णय लिया है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
छठी कक्षा की किताब। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छठी कक्षा की पुस्तक 'हिमाचल की लोक संस्कृति और योग' में त्रुटियां सामने के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पुस्तक को दोबारा छापने का फैसला लिया है। बोर्ड ने इसके लिए विशेष कमेटी गठित कर दी है। ये पुस्तक की सामग्री की समीक्षा करेगी। समीक्षा पूरी होने के बाद संशोधित पुस्तक को फिर से प्रकाशित किया जाएगा।

विज्ञापन


शिक्षा बोर्ड बदलेगा किताब
पुस्तक में कई तथ्यात्मक और भाषाई गलतियां सामने आई थीं। सबसे अधिक विवाद उस समय हुआ, जब किन्नौर जिले के लोगों को ट्रांसजेंडर के रूप में दर्शाया गया। इसके अलावा मंडी जिले को वाणिज्यिक मंडी के तौर पर प्रस्तुत किया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा निदेशालय ने भी संज्ञान लेते हुए शिक्षा बोर्ड को किताब बदलने के निर्देश दिए थे। अब शिक्षा बोर्ड ने भी इसे बदलने का निर्णय लिया है।

ऑटो ट्रांसलेशन टूल का इस्तेमाल
उल्लेखनीय है कि अनुवाद के दौरान किसी एआई या ऑटो ट्रांसलेशन टूल का इस्तेमाल किया गया। उसने 'किन्नौर' को 'किन्नर' समझकर उसका अंग्रेजी अनुवाद 'ट्रांसजेंडर' कर दिया। वहीं 'मंडी' शब्द को बाजार के अर्थ में लेकर 'मार्केट' लिखा गया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि पुस्तक छपकर स्कूलों तक पहुंच गई, लेकिन किसी स्तर पर इन त्रुटियों की जांच नहीं हुई। पुस्तक के पृष्ठ 16 पर जिलों के गठन से जुड़े प्रश्न में बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और डलहौजी के साथ 'ट्रांसजेंडर' शब्द विकल्प के रूप में छापा गया है, जबकि हिंदी संस्करण में वहां सही रूप से ‘किन्नौर’ लिखा है। इसके अलावा पृष्ठ 17 पर वर्ष 1972 की जगह '19712' छाप दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

छठी की पुस्तक में कुछ गलतियां थीं। इस पुस्तक की छपवाई अब शिक्षा बोर्ड नए सिरे से कर रहा है। पहले छपी पुस्तक की समीक्षा की जा रही है। उसके बाद इस पुस्तक को नए सिरे छपवा कर स्कूलों में भेजा जाएगा।- डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला
और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें