हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और पैटर्न में बदलाव करेगा। इसके लिए बोर्ड एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा बोर्डों और प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।
कार्यशाला में सीबीएसई, आईसीएसई, जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को आधार बनाकर बोर्ड के मौजूदा प्रश्नपत्रों की समीक्षा की जाएगी। विशेषज्ञ इस दौरान यह विश्लेषण करेंगे कि राष्ट्रीय स्तर पर पूछे जाने वाले प्रश्न किस प्रकार विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच को परखते हैं। उसके अनुरूप राज्य बोर्ड के प्रश्नपत्रों में क्या सुधार किए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि समीक्षा प्रक्रिया में केवल प्रश्नों के कठिनाई स्तर ही नहीं, बल्कि प्रश्नों की विविधता, अनुप्रयोग आधारित प्रश्नों की संख्या, केस स्टडी आधारित सवाल और नई शिक्षा पद्धति के अनुरूप बदलाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यह भी आकलन किया जाएगा कि वर्तमान प्रश्नपत्र राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के मानकों से किस हद तक मेल खाते हैं। बोर्ड का उद्देश्य भविष्य में ऐसे प्रश्नपत्र तैयार करना है, जो केवल रटने की प्रवृत्ति को बढ़ावा न दें, बल्कि विद्यार्थियों की समझ, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान का मूल्यांकन करें। विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर प्रश्नपत्रों का नया प्रारूप तैयार किया जाएगा।