हिमाचल प्रदेश में 5वीं और 8वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों ने सरकारी स्कूलों की पोल खोलकर रख दी है। पूरे प्रदेश में चंबा सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरा है, जहां 12 स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब दर्ज किया गया है। स्थिति सिर्फ चंबा जिला तक सीमित नहीं है। मंडी के 10, कांगड़ा के 8 और हमीरपुर के 7 स्कूल भी फिसड्डी साबित हुए हैं। लगातार गिरते शैक्षणिक स्तर ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है, इसके चलते अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 5वीं कक्षा में कांगड़ा, चंबा और हमीरपुर के 5-5 स्कूलों के नतीजे चिंताजनक रहे हैं। मंडी के 7 और शिमला के 2 स्कूल भी इस सूची में शामिल हैं। वहीं 8वीं कक्षा में चंबा के 7, कांगड़ा और मंडी के 3-3 और हमीरपुर के 2 स्कूलों का प्रदर्शन खराब रहा है। कुल मिलाकर प्रदेश में 5वीं के 24 और 8वीं के 15 स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं।
हालात को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सख्त रुख अपनाया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन ने चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और शिमला के उप शिक्षा निदेशकों को भी इस संदर्भ में पत्र जारी किया है। इसके अनुसार संबंधित स्कूलों के शिक्षकों को गणित और अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ शिमला तलब किया है। आदेशों के अनुसार 8वीं कक्षा के लिए 28 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे शिक्षकों को निदेशालय में उपस्थित होना होगा। वहीं 5वीं कक्षा की कॉपियों की जांच 28 अप्रैल से 5 मई तक की जाएगी।