इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दोपहर बाद मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया, जो छात्रा के उपचार से संबंधित सभी आठ सरकारी और निजी अस्पतालों से प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट्स का विश्लेषण करेगा। मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंपेगा, जो इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी।
इस बीच, यूजीसी की ओर से गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर रैगिंग और यौन उत्पीड़न के मामलों पर जानकारी एकत्र की। कमेटी ने अब तक की जांच की प्रगति, विभिन्न पहलुओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने भी पुलिस अधीक्षक से बैठक कर मामले की जानकारी ली।
यूजीसी की टीम ने दूसरे दिन भी कॉलेज स्टाफ, आरोपी शिक्षक, आरोपी चार छात्राओं और कॉलेज के अन्य छात्राओं के अकेले में अलग-अलग बयान लिए। एंटी रैगिंग कमेटी और यौन उत्पीड़न कमेटी की पिछले एक साल की बैठकों और प्राप्त शिकायतों से जुड़ी जानकारी भी कॉलेज प्रशासन से प्राप्त की गई। कालेज परिसर में स्थापित सीसीटीवी में रिकॉर्ड वीडियो फुटेज आदि भी खंगाली जा रहीं हैं। यूजीसी कमेटी ने पीड़िता के परिवार से भी मुलाकात की और छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज किए। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
टीएमसी से मेडिकल बोर्ड के गठन को लेकर मुलाकात की है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से छात्रा के मौत के असल कारणों का पता चलेगा। यूजीसी और प्रदेश सरकार की ओर गठित कमेटी ने भी इस मामले को लेकर पुलिस से जानकारी एकत्रित की है। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। - अशोक रतन, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा।