जयराम ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने न तो कर्मचारियों के लिए कुछ किया और न ही पेंशनरों के लिए। उन्होंने कहा कि बीमार पेंशनरों का मेडिकल खर्च रोक दिया गया है और ईपीएफ समेत अन्य भत्ते भी नहीं दिए जा रहे हैं। सड़क पर जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जयराम और अन्य भाजपा विधायकों को अपनी गाड़ी छोड़कर पैदल बैरिकेड्स पार करने पड़े। इसके बाद वह किसी अन्य विधायक की गाड़ी में विधानसभा परिसर के लिए रवाना हुए। सड़क पर जाम और धरना जारी रहने के बाद एडीएम शिल्पी बेक्टा और एएसपी बीर बहादुर समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने विभिन्न पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और अंततः 18 पेंशनर संगठनों के लगभग 36 प्रतिनिधियों को विधानसभा परिसर में जाने की अनुमति दी। इसके बाद अन्य पेंशनर बाहर सड़क पर बैठे रहे।