उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से विशेष आग्रह किया कि प्रदेश की विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन किया जा। अगर दुनिया देखती है तो देखे कि हमारा आचरण क्या है, इस बात से क्या डरना। जमाना बदल रहा है, तकनीक के इस दौर में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को ऑनलाइन करना समय की मांग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूरे प्रदेश का दौरा कर नशे के खिलाफ एक सशक्त वातावरण तैयार किया है।
राज्यपाल की ओर से नशे के विरुद्ध शुरू की गई मुहिम को प्रदेश सरकार के प्रयासों के साथ समन्वय मिला है। राज्य बनने के समय से लेकर आज तक हम आर्थिक तौर पर संघर्ष कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए स्पष्ट किया कि हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्यों के पास सीमित संसाधन हैं। बाकि केंद्र सरकार पर निर्भर हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के योगदान को भी ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक हिमाचल के निर्माण में उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।