हरियाणा में भी हर थाने में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। हिमाचल के 138 थानों में शुरू की गई इस व्यवस्था से पुलिस अब पीड़ितों की शिकायतों को तुरंत दर्जकर उन्हें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से जोड़ सकेगी। इससे मामलों की समयबद्ध जांच और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। प्रदेश के सभी पुलिस जिलों में इंटीग्रेटेड साइबर क्राइम एक्सटेंशन यूनिट्स भी बनाई गई हैं। ये यूनिट्स हिमाचल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एचआईएम 4 सी) के अंतर्गत काम करेंगी। कई बार विशेषज्ञता की कमी के कारण साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई में देरी होती है। नई व्यवस्था से अब पीड़ित सीधे साइबर अपराध डेस्क से संपर्क कर पाएंगे और उनकी शिकायतें तुरंत पोर्टल पर दर्ज होंगी।
साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का कदम
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सभी पुलिस जिलों में साइबर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो गंभीर साइबर अपराध मामलों की निगरानी करेंगे और जांच प्रक्रिया को तेज करेंगे। यह कदम न केवल साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगा। - मोहित चावला, उप-पुलिस महानिरीक्षक, राज्य सीआईडी, साइबर क्राइम शिमला