एक वाद-विवाद प्रतियोगिता में हार का किस्सा सुनाते हुए कहा कि भाषण की तैयारी करने के बजाय वह हॉकी मैच देखने और नहाने चले गए थे। माता-पिता उन्हें सरकारी नौकरी में देखना चाहते थे, लेकिन कानून और एमए की पढ़ाई के बाद उन्होंने राजनीति चुनी। विश्वविद्यालय चुनाव में हार के बाद शिमला में पार्षद का चुनाव लड़कर राजनीतिक सफर आगे बढ़ाया। छात्रा सुहानी ने स्कूल में कमरों और बैठने की व्यवस्था की कमी का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध होने पर दो करोड़ रुपये देने की बात कही।
छात्र गोबिंद की खेल हॉल की मांग पर सहमति जताई। वहीं, छात्र पर्व चौहान के बस सुविधा संबंधी सवाल पर सुबह साढ़े आठ और दोपहर सवा तीन बजे बस चलाने का भरोसा दिया। छात्रा हिमानी के पाठ्यक्रम में एआई और कोडिंग शामिल करने के सुझाव पर विचार करने की बात कही। परीक्षा के तनाव पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दोस्तों से बातचीत करने, मोबाइल से दूरी रखने और पढ़ाई के साथ मनोरंजन के लिए समय निकालने की सलाह दी। छात्र आयुष के छुट्टी संबंधी सवाल पर मुस्कराते हुए बोले कि मुख्यमंत्री को छुट्टी नहीं मिलती। उन्होंने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखना अपनी सबसे बड़ी चुनौती बताया। विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से घबराएं नहीं, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करें।