मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नई पेंशन योजना को दोबारा लाने का दबाव बना रही है, लेकिन राज्य सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी। विपक्ष पर जॉब ट्रेनी पॉलिसी को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षुओं को दो साल के सेवा कार्यकाल के बाद नियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने के लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप वर्तमान में हिमाचल पांचवें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए अनेक स्कूल खोले, जबकि वर्तमान सरकार सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही मेडिकल, नॉन मेडिकल और कला संकायों में 5,100 टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) पदों पर नियुक्ति प्रदान कर चुकी है। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्कूलों का युक्तिकरण किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही भर्तियां शुरू की जाएंगी।