अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष पर सलूणी में महिला किसान दिवस
प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाएं सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेतों में पसीना बहाकर फसल उगाने से लेकर परिवार की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने तक महिला किसान अहम भूमिका निभा रही हैं।
कृषि क्षेत्र में उनके इसी योगदान को पहचान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह सलूणी में महिला किसान दिवस मनाया गया। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (एटीएमए) चंबा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में करीब 250 महिला किसानों ने भाग लिया। इस दौरान प्राकृतिक खेती और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला परिषद चंबा की अध्यक्ष रेखा ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कृषि विज्ञान केंद्र चंबा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. धर्मिंदर, वैज्ञानिक डॉ. जया, एटीएमए चंबा की उप परियोजना निदेशक डॉ. शिवानी राणा, मैहला के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. पवन सैनी और खंड विकास अधिकारी कार्यालय की मिशन कोऑर्डिनेटर अंकिता ठाकुर सहित पशुपालन और बागवानी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
डॉ. विकास कपूर ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला किसानों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत को पहचान और उचित प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। डॉ. शिवानी राणा ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित कृषि पद्धतियां खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों का उत्साह बढ़ाने के साथ अन्य किसानों को भी टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।