चंबा। इस बार अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी में चंबा जिले के स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ विशेष स्टॉल लगाएंगी। इनमें पारंपरिक चंबा रुमाल, तीखी-स्वादिष्ट चुख और घर में बने स्थानीय अचार मुख्य आकर्षण होंगे। यह स्टॉल न केवल चंबा की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करेगा बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच भी प्रदान करेगा।
यह 10 दिवसीय मेला 15 फरवरी से मंडी जिला के पड्डल मैदान में सजेगा। इसमें देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं, विश्व प्रसिद्ध चंबा रुमाल अपनी बारीक कढ़ाई और पारंपरिक पहाड़ी डिजाइनों के लिए जाना जाता है। महीनों की मेहनत से तैयार यह हस्तकला देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगी।
इसके अलावा चंबा की मशहूर तीखी चटनी चुख भी मेले में खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही घर में तैयार अचार और मसाले भी उपलब्ध रहेंगे, जिससे आगंतुकों को हिमाचली स्वाद और कला दोनों का अनुभव मिलेगा।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं ने बताया कि मेले में भाग लेने के लिए वे लंबे समय से तैयारी कर रही थीं। शनिवार को वे मंडी के लिए रवाना होंगी। समूह की सदस्य दयाबंती ने कहा कि उनका एक ग्रुप मेले में जा रहा है, जहां उनके सभी उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इससे उन्हें अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है। मेले जैसे बड़े आयोजन में स्टॉल मिलने से महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और स्थायी ग्राहक बनाने का अवसर मिलेगा।