चंबा। जाली दस्तावेज बनाकर स्कूल में मल्टी टास्क वर्कर की नौकरी हासिल के मामले में गिरफ्तार महिला चार दिन बाद जमानत पर रिहा हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस मामले में जाली दस्तावेज बनाने वाले असली गुनहगार का पर्दाफाश नहीं हो पाया है।
हालांकि सदर थाना के प्रभारी की अगुवाई में पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन चार दिन के बाद महिला को सीजेएम कोर्ट से जमानत मल गई। पुलिस विभाग इस मामले में जहां गहनता से जांच कर रहा है तो वहीं शिक्षा विभाग की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई देेखने को नहीं मिली है। इससे लोग शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं।
जिस समाजसेवी ने महिला के जाली प्रमाण पत्र का भंडाफोड़ किया। उनका कहना है कि नौकरी के लिए हुए साक्षात्कार के दौरान जाली दस्तावेजों की सही तरीके से जांच नहीं की गई। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने तैनाती देते समय भी गहनता से दस्तावेज नहीं जांचे। यही कारण है कि महिला आसानी से जाली दस्तावेज बनाकर नौकरी पाने में कामयाब रही। इसलिए इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत होने की बू आ रही है, लेकिन अभी तक विभाग की ऐसी कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। जिससे यह कहा जा सके कि विभाग ने इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई की है।
जल्द होगा भंडाफोड़
पुलिस थाना सदर के प्रभारी संजीव चौधरी ने बताया कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। मामले से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई है। जल्द ही जाली दस्तावेज बनाने वाले का भंडाफोड़ किया जाएगा।