चुराह घाटी के सेब व्यवसायी को इस वर्ष सेब की कम पैदावार होने की चिंता सता रही है। मौसम के विपरीत रवैये से चुराह में न तो सर्दियों के दौरान पर्याप्त बारिश हुई है और न ही सेब के बगीचों को बर्फ का पोषण मिल पाया है। लिहाजा सर्दियों के कुछ ही दिन बाकि होने की स्थिति में बागवानों के माथे की सिकन बढ़ने लग पड़ी है।
चुराह घाटी के सेब व्यवसायियों में से ओम प्रकाश, निहाल सिंह, जयदेव, पवन कुमार व हेमराज ने बताया कि बीते वर्ष सर्दियों के दौरान चुराह घाटी में पर्याप्त मात्रा में बारिश और बर्फबारी हुई थी जिससे बागवानों को काफी मुनाफा हुआ था लेकिन इस बार स्थिति विपरीत ही लग रही है।
आलम यह है कि आगामी समय में पूरी चुराह घाटी में सेब की फसल के लिए संकट पैदा होने वाला है। अगर शीघ्र मौसम मेहरबान नहीं हुआ तो सेब बागवानों का यह बुरा सपना सच हो जाएगा। इसके चलते चुराह घाटी के सेब बागवानों ने बागवानी विभाग और सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें इस संकट से निकालने के लिए शीघ्र योजना तैयार की जाए।