होली (चंबा) जनजातीय क्षेत्र भरमौर के तहत आते होली परिक्षेत्र में बारिश न होने के कारण दालों के पौधों पर उगे फूल मुरझा गए हैं। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि होली परिक्षेत्र में राजमा, राजमाश, कुल्थी की दालों की बंपर फसल होती है। किसान बाहरी जिलों में भी फसलों को बेचकर अपनी आमदनी में इजाफा करते हैं लेकिन, बारिश न होने से दालों की उम्दा पैदावार पर अब खतरा मंडराने लगा है। दालों के पौधों पर उगे फूल मुरझाने से किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। ग्राम पंचायत गरोंदा, बजोल, न्याग्रां, दियोल, होली, कुलेठ, कुठेड़, लांमू, चन्हौता, साहं आदि पंचायतों में करीब हरेक ग्रामीण खेतीबाड़ी कर ही अपने परिवारों का भरण-पोषण करता है लेकिन, मौसम की मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों जय करण, संजय कुमार, राजीव कुमार, महेश कुमार, ठाकुर सिंह, मंगत राम आदि का कहना है कि दालों के पौधों में फूल आने पर फसल को बारिश की जरूरत होती है। ऐसे में समयानुसार बारिश न हो तो पौधे में उगे फूल मुरझाने लगते हैं। इसका एकमात्र समाधान खेतों में नमी का होना जरूरी है। कृषि उपनिदेशक कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि दालों की फसल के लिए समयानुसार बारिश का होना अत्यंत आवश्यक रहता है। बारिश न होने से खेतों में नमी सूख जाती है जिससे फसल की पैदावार पर असर पड़ जाता है।