चंबा। लक्ष्मीनाथ मंदिर में धाम के आयोजन पर लिए जाने वाले किराये का अब भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इस किराये का कुछ अंश लाइब्रेरी संचालित करने में इस्तेमाल किया जाता है। पिछले लंबे समय से मंदिर में धाम के आयोजन के बदले मिलने वाले किराये का भुगतान न होने से लाइब्रेरी को भी इसका हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लाइब्रेरी की कई अदायगियां शेष पड़ी हैं। लाइब्रेरियन के वेतन का भी समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। लक्ष्मीनाथ मंदिर में वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान धाम के आयोजन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद यहां धाम का आयोजन तो शुरू हो गया, लेकिन इसके बदले में किराये का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को लक्ष्मीनाथ पुस्तकालय सेवा समिति की मासिक बैठक हुई। इसमें इन ज्वलंत समस्याओं के बारे में शीघ्र उप मंडलाधिकारी नागरिक चंबा या तहसीलदार से अवगत करवाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा लाइब्रेरी में फर्नीचर और किताबें कम होने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में समिति के प्रधान लक्ष्मी प्रसाद के आकस्मिक निधन पर शोक जताया गया और उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में समिति के वरिष्ठ सदस्य भूपेंद्र कुमार शर्मा को सदस्यों की ओर से प्रधान चुना गया। बैठक में धर्मवीर वैद्य, राजेंद्र बगलवान और राजेश चाढ़क को नया सदस्य नामित किया गया। बैठक में भूपेंद्र कुमार शर्मा, लक्ष्मीधर शर्मा, विनय कुमार शर्मा, रमेश जसरोटिया, मनजीत जसरोटिया, डाॅ. राजेश सहगल, धर्म वीर वैद्य, रत्न शर्मा ओर ब्राह्मण सभा के प्रधान अजितेश शर्मा और भूपिंद्र जसरोटिया आदि मौजूद रहे।