चंबा शहर में निकासी नाली और सड़क पर सजाया गया सामान और बैंच।संवाद
चंबा। शहर में जिला प्रशासन और नगर परिषद चंबा दो मापदंडों पर कार्रवाई कर रहा है। शहर में अतिक्रमण को लेकर गरीब फड़ी धारकों पर शिकंजा तो कसा जा रहा है, मगर शहर के बड़े कारोबारियों पर अब तक सख्त कार्रवाई से प्रशासन और नगर परिषद बचता आया है।
हालात यह है कि एक तरफ शहर में दुकानदारों से सड़कों पर सामान सजा रखा है, दूसरी तरफ अपने कामगारों के बैठने के लिए स्टूल भी सड़क पर रखे हैं। दुकानों से छज्जे तक बढ़ा दिए गए हैं। इन छज्जों के जरिये सामान और कपड़े टांगे जाते हैं। नालियां भी पीछे रह गई हैं। दुकानें एक से तीन फीट तक आगे आ गई हैं।
शहर के मुख्य बाजार में यह हालात हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सभी बड़े अधिकारी शहर से होकर ही गुजरते हैं, मगर आज तक किसी अधिकारी ने बड़े कारोबारियों के रसूख को तोड़ने का प्रयास नहीं किया है। शहर में बड़े कारोबारियों के अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन और नगर परिषद चंबा सुस्त बैठी है।
गौरतलब है कि शहर में करीब पांच सौ से अधिक दुकानें हैं। करीब अस्सी प्रतिशत दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। बीते दिनों प्रशासन ने कसाकड़ा मार्ग पर कार्रवाई की थी। हालांकि, इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप तो मचा है, मगर अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। फड़ी धारकों ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया था कि बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई करने से प्रशासन और नगर परिषद गुरेज करते हैं। छोटे फड़ी धारकों पर शिकंजा कसने के लिए तुरंत पहुंच जाते हैं। कुल मिलाकर दोहरे मापदंडों को लेकर शहर में प्रशासन और नगर परिषद अतिक्रमण पर कार्रवाई कर रहा है।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि शहर में अतिक्रमण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष निगरानी भी की जाएगी।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने बताया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। अब शहर में दबिश दी जाएगी। बताया कि अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा।