चंबा। पांगी घाटी में 33 केवी बिजली लाइन में रुकावट किसकी लापरवाही के कारण आई, इसकी जांच करने के लिए पांगी-भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने उपायुक्त चंबा को निर्देश जारी किए हैं। उन्हाेंने कहा कि उनके ध्यान में बिना एफसीए स्वीकृति से लाइन बिछाने का मामला आया है। विधानसभा में भी इस संबंध में प्रश्न लगाया जाएगा। सरकार से जवाब मांगा जाएगा। यदि बिजली बोर्ड की लापरवाही के कारण यह लाइन आगे नहीं बढ़ पा रही है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और यदि वन विभाग जानबूझ कर इसमें अड़ंगा डाल रहा है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है, जिसे फलीभूत करने के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट को नियमानुसार बनाने में न तो सरकार ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित विभाग की इसमें गंभीरता दिख रही है।
यदि 33 केवी लाइन को जंगल से गुजारने के लिए एफसीए की स्वीकृति अनिवार्य थी तो उसमें लापरवाही क्यों बरती गई। इन सभी सवालों का जवाब विधानसभा में सरकार से मांगा जाएगा। पांगी घाटी के लोगों की यह काफी पुरानी मांग थी, जो कि अब पूरी होने वाली थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण यह अधर में लटकी है। इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी।