ग्रामीणों ने बुद्धिल परियोजना से प्रभावित जल स्रोत से लेकर सड़कों और हेलीपैड तक उठे मुद्दे
मंत्री ने दिए विभागों को निर्देश, हेलीपैड की प्रक्रिया शुरू करने का भी दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। खनी पंचायत में रविवार को मंत्री जगत सिंह नेगी के दौरे में ग्रामीणों ने एक के बाद एक कई समस्याएं सामने रखीं।
सेब के पौधों के सूखने से लेकर भालुओं के आतंक, सिंचाई की कमी, सड़कों की बदहाली और मणिमहेश यात्रा के दौरान हेलीपैड से होने वाले ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया। ग्रामीणों ने 70 मेगावाट बुद्धिल जल विद्युत परियोजना से जल स्रोत प्रभावित होने और पंचायत को लाडा व सीएसआर के तहत अपेक्षित लाभ नहीं मिलने की बात भी रखी।
मंत्री ने खनी निवासी दौलत राम के उच्च घनत्व सेब बगीचे का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर कम भूमि में अधिक उत्पादन लेने की बात कही। बागवानी विभाग को गांव-गांव जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए।
सिंचाई समस्या पर खनी-ग्रीमा सिंचाई योजना जल्द शुरू करने और निर्माणाधीन उठाऊ सिंचाई योजना से खनी के लिए शाखा बनाने के निर्देश दिए। भालुओं के आतंक पर एसडीएम, वन, कृषि, बागवानी और बुद्धिल परियोजना के अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ बैठक करने को कहा।
ग्रामीणों ने खनी में हेलीपैड बनाने, एकलव्य विद्यालय को खनी से होली स्थानांतरित करने और चयनित भूमि पर सरकारी भवन बनाने की मांग भी रखी। मंत्री ने हेलीपैड की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया। खड़ामुख-खनी, खनी-ग्रीमा और खनी से सर्च शॉट-खड़ामुख मार्ग की बहाली के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए।