चंबा। जून के पहले दिन भी चंबा में बारिश के चलते हालात सामान्य नहीं हो पाए। जिले के निचले क्षेत्रों में होने वाली हल्की बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से दर्जनभर सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वहीं दो ट्रांसफार्मर बंद रहने से दर्जनभर गांवों में अंधेरा पसरा रहा। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खैर, सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारी और मशीनरी पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए वीरवार देर शाम तक जुटे रहे। चुराह उपमंडल के तहत आते नकरोड़-चांजू-मार्ग कठवाड घारा के पास भूस्खलन होने से यातायात के लिए बंद पड़ गया। वीरवार दोपहर 1:40 बजे पहाड़ी से भूस्खलन होने से पत्थर और मलबा सड़क पर आकर गिरा। गनीमत रही कि जिस समय पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरा, उस दौरान कोई वाहन वहां से आवाजाही नहीं कर रहा था अन्यथा बडा हादसा हो सकता था। भूस्खलन की वजह से ग्राम पंचायत बघेईगढ़, चांजू,चरड़ा और देहरा का संपर्क नकरोड़ से पूरी तरह से कट गया है। वहीं, सालहवी-पधरोटू, कल्हेल-बल्लीघ्राट-छतरी, मेड़ा-जखराल-कुठेड, कैंथली-विदरोह समेत अन्य संपर्क सड़कों पर देर शाम तक वाहनों की आवाजाही आरंभ नहीं हो पाई। सड़कें बंद होने से स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी। लोगों को मीलों पैदल सफर तय कर अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि जिले में बारिश के चलते पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करवाने के लिए विभागीय मैन पावर और मशीनरी जुटी हुई है। जल्द व्यवस्थाएं बहाल कर दी जाएंगी।