सरोल (चंबा)। स्थानीय बाजार में अजीबोगरीब ड्रेनेज सिस्टम देखने को मिल रहा है। खासकर स्थानीय लोग पानी की निकासी के लिए बनाई गई इस व्यवस्था को लेकर हैरान तो हैं ही, परेशान भी हैं।
दरअसल, सरोल बस स्टैंड से तीन सौ मीटर तक नाली का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। शुरुआत में नाली की गहराई एक फीट रही। जैसे-जैसे काम बढ़ता गया, नाली की गहराई भी बढ़ती गई। अब तीन सौ मीटर तक कार्य पूरा हो गया है। यहां नाली की गहराई करीब दस फीट तक पहुंच गई है। यहां से निकासी इस तरह होगी, जब दस फीट तक नाली भरेगी, उसके बाद तीन फीट तक बनी नाली से पानी की निकासी होगी। अगर दस फीट से नीचे पानी रहता है तो यहां जलभराव की स्थिति बन जाएगी और बरसात के मौसम में जलजलित रोग भी फैल सकते हैं।
स्थानीय बाजार में नालियों की समस्या पिछले काफी समय से पेश आ रही है। लोक निर्माण विभाग ने समस्या का समाधान ढूंढने का प्रयास तो किया, मगर समाधान होने के बजाय एक और समस्या खड़ी हो गई है। लोगों के मुताबिक यह नाली कम और कुआं ज्यादा लग रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने विपरीत दिशा से नाली के निर्माण का कार्य शुरू किया है। इससे नाली की निकासी सही नहीं बन पाई है। इससे पानी एक जगह ही इकट्ठा होगा। - देविंद्र शर्मा
विभाग ने नाली के निर्माण के लिए खोदाई की है। इससे पेड़ों की जड़ें हिल गई हैं। बरसात के मौसम में पेड़ दुकानों और घरों पर गिरने से खतरा हो सकता है। - पवन कुमार
नाली का निर्माण कार्य मध्यम में रोकने के चलते उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। एक जगह नाली की गहराई करीब दस फीट तक है। इससे उन्हें निर्माणाधीन मकान को खतरा पैदा हो सकता है।
- अंकुश खन्ना
जहां नाली का कार्य खत्म हुआ है, वहां गहराई करीब दस फीट है। पुरानी नाली की गहराई तीन फीट है। इससे पानी की निकासी नहीं होगी। सात फीट के ऊपर पानी आने से ही निकासी सही होगी। -रमेश कुमार गुप्ता
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता संदेश कुमार का कहना है कि तीन सौ मीटर तक नाली का कार्य पूरा हो गया है। कहा कि आगामी एक सप्ताह में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।