चंबा। धुलाड़ा रूट पर निकली एचआरटीसी की बस पांच किलोमीटर चलकर मुगला में ही हांफ गई। मंगलवार सुबह 9 बजे बस अड्डे से अपने रूट के लिए निकली। इसमें 25 से 50 सवारियां मौजूद थीं, लेकिन मुगला पहुंचने पर बस में दिक्कत आ गई। इसके चलते चालक ने सुरक्षित स्थान पर बस को पार्क कर दिया।
चालक परिचालक अपने स्तर पर खराबी को ठीक करने में लगे रहे। एक घंटे तक सवारियां बस में बैठीं रहीं। कुछ बुजुर्ग सड़क पर चिलचिलाती धूप में सिर पर हाथ रखकर बैठ गए। उन्हें यही चिंता सता रही थी कि बस कब ठीक होगी और वे कब अपने गंतव्य की तरफ रवाना होंगे। एक घंटे तक जब बस ठीक नहीं हुई तो प्रबंधन ने दूसरी बस को रूट पर भेजा। इसमें बैठकर सवारियां रवाना हुईं।
यात्री प्यारू राम, चतर सिंह, योगराज, प्रेम सिंह, दिनेश कुमार, केवल, मनीष कुमार और सोभिया राम ने बताया कि धुलाड़ा रूट एक महत्वपूर्ण रूट है। सवारियों की संख्या भी इसमें अधिक रहती है। ऐसे में इस रूट पर खटारा बसों को भेजना खतरनाक साबित हो सकता है।
पहले भी इस रूट पर निजी बस दुर्घटना में 52 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन और प्रबंधन से मांग की है कि रूट पर अच्छी कंडीशन वाली बसों को ही भेजा जाए। उधर, डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि बस में तकनीकी खराबी आई थी, इसके चलते दूसरी बस को रूट पर भेजा गया।