चंबा। मूसलाधार बारिश के कारण भरमौर पठानकोट एनएच विभिन्न जगहों पर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से यातायात ठप रहा। भारी बारिश से करीब एक दर्जन मार्ग भी अवरुद्ध हो गए। एनएच भरमौर-पठानकोट पांच घंटों तक आवाजाही के लिए बंद रहा। ऐसे में पेट्रोलिंग पर तैनात पुलिस जवानों, दूध सब्जियां बेचने के लिए आने वाले लोगों और दोपहर के समय बाजार खोलने पर सामान लेने के लिए आने वाले लोगों की दिक्कतें काफी बढ़ गईं।
सूचना मिलने के बाद एनएच मंडल चंबा और लोक निर्माण विभाग की मशीनरी और लेबर मार्गों को बहाल करने के लिए जुट गई। कोरोना वायरस की दहशत के साथ अब मौसम के बिगड़े मिजाज ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। शनिवार सुबह चंबा-पठानकोट एनएच परेल, उदयपुर, द्रड्डा, कांदू के पास, केरु पहाड़ के नजदीक भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से आवाजाही के लिए बंद हो गया। सुबह करीब दस बजे तक एनएच नहीं खुलने से दैनिक उपयोग की वस्तुएं दूध, अंडा, ब्रेड, सब्जियां, अखबार लेकर चंबा आ रहे वाहन, एंबुलेंस, पेट्रोलिंग पर तैनात जवानों की गाड़ियां फंस गईं। सूचना मिलने पर एनएच मंडल चंबा की ओर से बनीखेत और चंबा की तरफ से जेसीबी मशीन और ऑपरेटरों को मार्ग बहाल करने के लिए भेजा गया। बनीखेत की ओर से केरु पहाड़ के पास पड़े मलबे और पत्थरों को हटाकर मार्ग सुचारु किया गया। मशीनरी देवी देहरा के पास गिरे मलबे को हटाने के लिए रवाना हुई। वहीं, दूसरी ओर चंबा से मशीनरी परेलघार में गिरे मलबे को हटाकर आगे बढ़ी ही थी कि अचानक फिर भूस्खलन होने से मार्ग बंद पड़ गया। मशीन ऑपरेटर ने दोबारा मार्ग को खोलने का कार्य शुरू किया। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खुला। इसके बाद तडोली, उदयपुर, चनेड़, सरू और कांदू के पास हुए भूस्खलन और सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाते हुए आगे की ओर रवाना हुए। सुबह करीब साढ़े दस बजे कड़ी मशक्कत के बाद बंद पड़े मार्गों को यातायात के लिए बहाल किया गया।
भरमौर-पठानकोट एनएच मैहला, खड़ामुख, लाहल धांक, त्रिलोचन महादेव मंदिर के पास भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया। जिसे एनएच मंडल की मशीनरी ने बहाल किया।
अधिशासी अभियंता राजिंद्र शेखरी ने बताया कि मूसलाधार बारिश के चलते चंबा-पठानकोट एनएच जगह-जगह भूस्खलन और पेड़ गिरने से बंद हो गया था। एनएच को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।