तेलका (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र डलहौजी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भजोत्रा में शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में जमा एक और दो को पढ़ाने वाला एक ही प्रवक्ता है। इससे छात्र मजबूरन दूसरे स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। अध्यापकों की कमी का खमियाजा यहां के गरीब परिवार से संबंध रखने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पर पड़ रहा है। कई लोग अपनी लड़कियों को दूर के स्कूलों में भेजने से गुरेज करते हैं।
वर्तमान में भजोत्रा स्कूल में प्रधानाचार्य सहित अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास और कंप्यूटर विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। छठी से लेकर दसवीं कक्षाओं के शिक्षकों के पद भी रिक्त हैं। इनमें टीजीटी नॉन मेडीकल, टीजीटी आर्ट्स और शास्त्री अध्यापक का पद शामिल है। स्कूल में पिछले तीन सालों से अध्यापकों के पद नहीं भरे जा रहे हैं। वर्तमान में स्कूल में छठी से जमा दो कक्षा तक लगभग 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जबकि जमा एक और दो कक्षाओं में लगभग 50 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनको पढ़ाने का जिम्मा मात्र एक ही प्रवक्ता के कंधों पर है। उसी प्रवक्ता को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्य भी निपटाना पड़ता है।
गौरतलब है कि भजोत्रा स्कूल में बाड़का, भजोत्रा और नड्डल पंचायत के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। भजोत्रा पंचायत के उपप्रधान कमलेश कपूर सहित अभिभावकों कमलेश कुमार, कुलदीप कुमार, आशो राम, खेमराज, रतन चंद, पवन कुमार, भोटू राम, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, केहर सिंह आदि ने बताया कि समय-समय पर पत्राचार के माध्यम से स्कूल में रिक्त पदों का ब्योरा बनाकर उच्चाधिकारियों के माध्यम से सरकार को भेज दिया जाता है। अभिभावकों ने कहा कि जल्द अध्यापक के पदों को न भरा गया तो उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।