चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में पांच साल बाद भी यूरोलॉजी विभाग शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते किडनी रोग के मरीजों को अपना इलाज करवाने के लिए जिले के बाहर जाना पड़ रहा है।
यूरोलॉजी विभाग में जो यूरोलॉजिस्ट तैनात होते हैं। किडनी रोग के मरीजों का इलाज करते हैं। खासतौर पर किडनी की पत्थरी का इलाज यूरोलॉजिस्ट करते हैं, लेकिन चंबा में पांच सालों में कोई भी सरकार यूरोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर पाई है। इसका खामियाजा जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है। किडनी रोग से संबंधित मरीज टांडा और शिमला में जाकर अपना इलाज करवाने को मजबूर हैं। इसके लिए उन्हें हजारों रुपये आने-जाने के किराये पर ही खर्च करने पड़ रहे हैं।
हैरानी की बात कि सरकार नए भवन में मेडिकल कॉलेज चालू करवाने की तो जल्दबाजी कर रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में मरीजों को संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों में हंसराज, केवल कुमार, चमन सिंह, योगराज, सुरेंद्र, जय सिंह और नरेंद्र ने सरकार से मांग की है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में जब तक यूरोलॉजी विभाग शुरू नहीं हो जाता, तब तक किसी एक यूरोलॉजिस्ट की तैनाती यहां करवा दी जाए। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि सरकार ने चंबा में विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की गई है। जैसे ही विशेषज्ञ चंबा में तैनात होंगे तो इस विभाग को भी शुरू करवा दिया जाएगा।