भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान पर्यावरण को दूषित करने वाली लंगर समितियों को पांच हजार रुपये भरने पड़ सकते हैं। इसके लिए मणिमहेश न्यास लंगर समितियों से सफाई व्यवस्था को लेकर 12000 के साथ 5000 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेगा।
यात्रा खत्म होने के बाद जिस लंगर समिति के स्थान पर सफाई व्यवस्था ठीक पाई जाएगी। उस समिति को 5000 रुपये वापस कर दिए जाएंगे। यदि सफाई ठीक नहीं हुई तो उनके पैसों से न्यास वहां सफाई करवाएगा। एक तरफ से लंगर समिति को यह पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसके लिए न्यास ने सभी लंगर समितियों को अवगत करवा दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि लंगर समितियों को यह पैसा सबसे पहले जमा करवाना होगा। अन्यथा उन्हें लंगर लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
मणिमहेश यात्रा के दौरान लूणा से लेकर डलझील और भरमाणी माता मंदिर में विभिन्न पड़ाव पर 80 से अधिक लंगर लगाए जाते हैं। इन लंगर समितियों से हर वर्ष सफाई व्यवस्था के नाम पर 12000 रुपये लिए जाते हैं, लेकिन इस बार इन समितियों को पांच हजार रुपये अतिरिक्त जमा करवाने होंगे। ये पांच हजार उन्हें तभी वापस मिलेंगे। यदि यात्रा के बाद उनके लंगर स्थान पर सफाई व्यवस्था ठीक पाई जाएगी। यात्रा खत्म होने के उपरांत अकसर देखने को मिलता है कि लंगर लगाने वाले स्थान पर गंदगी का आलम रहता है। इसकी वजह ये पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचता है। इसके चलते मणिमहेश न्यास ने यह कदम उठाया है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि इस बार लंगर लगाने वाली समितियों को 5000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह पैसा तभी वापस होगा, जब लंगर वाले स्थान पर सफाई व्यवस्था ठीक मिलेगी।