चंबा के होली क्षेत्र में सेब के पेड़ो से गिरी कलियां।संवाद
होली (चंबा)। जिले में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से सेब की फसल के लिए घाटे का सौदा बन गई है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से जनजातीय क्षेत्र होली में बगीचों में सेब के पौधों से फूल और कलियां झड़ गई हैं।
इससे बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बागवानों ने दावा किया है कि इस बार बारिश और ओलावृष्टि की वजह से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार सेब की फसल 25 फीसदी तक ही सिमटने का अनुमान है। पहले यह फसल 70 से 80 फीसदी तक रहती थी। उन्होंने कहा कि इस बार फसल कम होने से उन्हें काफी घाटा उठाना पड़ेगा। मौसम का बिगड़े मिजाज ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं। कहा कि सेब के लिए इस समय ओलावृष्टि काफी नुकसान दायक है। सेब के पौधों में इन दिनों फूल आने की प्रक्रिया चल रही है। बारिश और बर्फबारी से सेब की सेटिंग पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल की शुरुआत से ही बेमौसमी ठंड और बारिश ने सेब की फसल को प्रभावित कर दिया है। इन दिनों सेब के पौधों को धूप की काफी आवश्यकता है।
यह मौसम बागवानों के लिए सिरदर्द बन गया है। इस बार न तो उन्हें फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है, न ही अच्छी पैदावार की आस। बेमौसमी बारिश ने सेब के बगीचों को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। - रवि कुमार
सेब पौधों पर खिले फूल और कलियां बारिश और ओलावृष्टि से झाड़ दिए हैं। खराब मौसम के कारण ऊपरी क्षेत्रों में सेब के बगीचों में फूल खिलने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। सेब के बगीचों में इन दिनों फूल खिलने का समय हैं। - मदन कुमार
सेब पेड़ों में फूल खिलने के लिए साफ मौसम और अच्छे तापमान की जरूरत है। इस बार मौसम बिल्कुल विपरीत है। यही कारण है कि सेब बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कम तापमान के कारण बगीचों में परागण प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। - प्रकाश चंद
पहले सेब के पौधों में फूल खिलते ही उन्हें 70 से 80 प्रतिशत पैदावार होने की उम्मीद रहती थी। इस बार 25 फीसदी होने का अनुमान है। बदलते मौसम ने बागवानों की कमर तोड़कर रख दी है। इससे उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर रहा है। - अश्वनी कुमार
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि उनके पास सेब के पौधों और पेड़ों को हुए नुकसान की रिपोर्ट नहीं पहुंची है। कहा कि ओलावृष्टि सेब की फसल के लिए अच्छी नहीं है।