चंबा। मिड-डे मील वर्कर यूनियन ने निर्णय लिया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान यूनियन भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाएगी। यूनियन की बैठक सुंडला में हुई। बैठक में सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक के अध्यक्ष विपिन ने की।
विपिन ने बताया कि ब्लॉक में पिछले 4 महीने से मिड-डे मील वर्कर को मानदेय नहीं मिला है। इसके चलते वर्कर परेशान हैं। मिड-डे मील वर्कर का वेतन केवल 4500 रुपये है। अभी भी 2023 का बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिला है। यह आज के महंगाई के समय में ऊंट के मुंह में जीरा है। वह भी समय पर नहीं दिया जाता है। यूनियन ने मांग की है की उन्हें चुनाव के समय खाना बनाने पर दिहाड़ी दी जाए। मिड-डे मील वर्कर को आज की इतनी महंगाई के समय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार ने मिड-डे मील योजना को मजबूत करने की जगह उसे कमजोर किया है। लगातार बजट में कटौती की जा रही है। बच्चों को मिलने वाले पोषण डाइट के कमी की गई है। दाल पहले प्रति छात्र 30 ग्राम थी उसे अब घटा कर 20 ग्राम कर दिया है। इसके चलते कुपोषण आने वाले समय में और बढ़ेगा। कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। महंगाई आज आसमान छू रही है। बेरोजगारी चरम पर है। सरकारी उपक्रमों को निजी कंपनियों को बेचा जा रहा है। महिलाओं और दलितों पर हिंसा बढ़ी है। मजदूर के पक्ष के कानून बदले गए हैं। लोकतंत्र को कमजोर और संविधान को खत्म करने को साजिश हो रही है। इस मौके पर यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।