मुंबई से धार्मिक स्थलों की पैदल यात्रा पर निकले 42 वर्षीय तुलसी राम करीब 40 हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद शनिवार को चंबा पहुंचे। उनकी इस लंबी यात्रा का अगला पड़ाव भगवान भोलेनाथ की आस्था के प्रमुख केंद्र मणिमहेश है। तुलसी राम पहली बार मणिमहेश यात्रा पर जा रहे हैं और यहां भगवान शिव के दर्शन करने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी।
तुलसी राम के अनुसार उन्होंने जनवरी 2024 में 14 वर्ष की धार्मिक यात्रा शुरू की थी। अब तक वह करीब दो वर्ष आठ माह का सफर पूरा कर चुके हैं। इस दौरान वह देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की पैदल यात्रा कर चुके हैं।
पहली बार करेंगे मणिमहेश के दर्शन
चंबा पहुंचने पर तुलसी राम ने बताया कि मणिमहेश में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने की उनकी काफी समय से इच्छा थी। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी यात्रा का रुख चंबा की ओर किया। अब वह मणिमहेश पहुंचकर अपनी धार्मिक यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा का अंतिम लक्ष्य श्रीलंका में स्थित माता सीता की अशोक वाटिका है। वहां पहुंचने के बाद उनकी 14 वर्ष की धार्मिक यात्रा पूरी होगी।