नए प्रावधानों की चर्चा से कारोबारियों में असमंजस, व्यापार मंडल बनीखेत ने जताया विरोध
कारोबारियों ने कहा- शुल्क लगा तो कम मुनाफे वाले कारोबार पर पड़ेगा सीधा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। यूपीआई लेनदेन के नए ढांचे को लेकर जिले के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि यदि दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लागू होता है तो इसका सीधा असर उनके कारोबार और मुनाफे पर पड़ेगा।
हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं से लेकर व्यापारियों तक दो हजार रुपये तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों ने अपनी चिंताएं साझा की हैं।
अभी सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं हुई है। यदि शुल्क व्यवस्था लागू होती है तो इसका सीधा असर दुकानदारों के मुनाफे पर पड़ेगा। कम मुनाफे वाले सामान में कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। - वीरेंद्र महाजन, प्रधान, व्यापार मंडल चंबा
पुरानी व्यवस्था ठीक थी। नए निर्णय से दुकानदारों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। खासकर कम मुनाफे पर सामान बेचने वाले कारोबारियों के लिए इसका असर अधिक होगा। सरकार को जनहित को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए। - कपिल डोगरा, हार्डवेयर व्यापारी
पहले से मंदी की मार झेल रहे व्यापारी वर्ग पर यूपीआई पर लेनदेन शुल्क लगाने से और अधिक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। - रविंद्र सिंह टंडन, व्यापारी
यूपीआई पर लेनदेन शुल्क लगने से व्यापारियों के ऑनलाइन आय-व्यय पर असर देखने को मिलेगा। नियम में साफ किया गया है कि व्यापारी यदि सामान बेचता है तो दुकानदार पर ही इसका असर देखने को मिलेगा। व्यापार मंडल बनीखेत इसका कड़े शब्दों में विरोध करता है। - संजीव ठाकुर, प्रधान, व्यापार मंडल बनीखेत
इसमें दोनों तरफ नुकसान होगा। दुकानदारों और ग्राहकों को इससे लेनदेन में सुविधा थी। लेकिन अब दुकानदार और ग्राहक अधिकतर लेनदेन नकद में ही करेंगे। शुल्क लगना बिल्कुल गलत है। -केवल सिंह, व्यापारी
यूपीआई पर लेनदेन शुल्क लगाना किसी भी दृष्टिकोण से व्यापारियों के हित में नहीं है। इससे बाजार में मंदी बढ़ेगी और व्यापारियों को अपना घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। सरकार को अपना यह निर्णय वापस लेना चाहिए। - गगन सिंह, व्यापारी