चंबा के साच-पास में बर्फ से ढकी पहाड़ियों का आनंद लेते पर्यटक।संवाद
तीसा (चंबा)। समुद्रतल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास दर्रा के दीदार के लिए देश के कोने-कोने से सैलानी पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें सतरूंडी से ही लौटना पड़ रहा है। अभी भी सतरूंडी से आगे साच पास पहुंचने के लिए दस किलोमीटर मार्ग बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में सतरूंडी में ही सैकड़ों की संख्या में सैलानी बर्फ के साथ अठखेलियां कर रहे हैं। सतरूंडी में सड़क किनारे काफी मात्रा में बर्फ जमी हुई है। इसका लुत्फ लेने के लिए पर्यटक साच पास का रुख कर रहे हैं।
सैलानी यहां की खूबसूरत बर्फीली वादियों को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चन्नेई और उत्तराखंड से साच पास को निहारने के लिए पहुंचे सैलानियों सुनील कुमार, कपिल कुमार, राजीव कुमार, राकेश कुमार, अशोक कुमार संजीव कुमार, अमित कुमार आदि ने कहा कि प्रकृति की मनमोहक छटा का नजारा सतरूंडी में आकर देखने को मिल रहा है। सैलानियों को मलाल इस बात का है कि हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पर्यटक यहां पर पहुंचना चाहते हैं। बावजूद इसके प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मार्ग की दशा को सुधारा नहीं जा सका है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर साच पास आवाजाही के लिए बहाल होने संबंधी जानकारी साझा की जानी चाहिए जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को इसके बारे में जानकारी मिल सके। फिलहाल, साच पास बंद होने से पर्यटकों और बाइकरों को सतरूंडी से मायूस होकर घरों को लौटना पड़ रहा है।
कैसे पहुंचे साच पास
साच पास पहुंचने के लिए पठानकोट से वाया बनीखेत और वाया चुवाड़ी-जोत होते हुए पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा लाहुल-स्पीति या जम्मू-कश्मीर होते हुए पर्यटक पांगी पहुंचते हैं तो यहां से भी साच पास की दूरी कम है। पठानकोट से बस या टैक्सी के माध्यम से वाया बनीखेत करीब 216 किलोमीटर का सफर कर साच पास पहुंच सकते हैं। चंबा जिला मुख्यालय से साच पास की दूरी करीब 129 किलोमीटर है। कांगड़ा के तहत गगल एयरपोर्ट से साच पास की दूरी करीब 240 किलोमीटर है। दिल्ली से साच-पास की दूरी करीबन 700 किलोमीटर है।