चंबा के साच पास पहुंचे सैलानी। स्रोत :जागरूक पाठक
तीसा (चंबा)। समुद्र तल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास दर्रा लोगों की पसंदीदा जगह बन गया है। चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया साच पास मार्ग यातायात के लिए बहाल होने के बाद अब यहां पर्यटकों का मेला लग गया है।
दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान सहित अन्य राज्यों से सैलानी परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं। जिले के कोने-कोने से भी लोग ठंडी वादियों में ग्लेशियरों के बीच मस्ती करने देखे जा सकते हैं। बर्फ के बीच कुर्सी लगाकर सैलानी चाय और नाश्ते का खूब आनंद ले रहे हैं। बीते दिन चुराह के युवाओं ने भी साच पास में जमकर मस्ती की। युवाओं ने बर्फ पर चुराही नाटी भी डाली। मौजूद समय में साच पास दर्रा में भारी बर्फ है। बर्फ में मस्ती करने और गर्मी से राहत पाने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। रोजाना पर्यटक साच दर्रा में बर्फ के बीच अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं। खूबसूरत वादियों को भी अपने कैमराें में कैद कर रहे हैं। रोजाना यहां 400 से अधिक छोटी-बड़ी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों में पर्यटकों के पहुंचने का क्रम बदस्तूर जारी है। मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी से लोगों का जीना दूभर हो गया है।
पांगी को जिला मुख्यालय से जोड़ता है साच पास
साच पास पांगी घाटी को जिला मुख्यालय चंबा से जोड़ता है। इसकी तुलना रोहतांग से की जाती है। यहां पर करीब 30 से 35 फीट तक बर्फबारी दर्ज की जाती है।
ऐसे पहुंचें साच पास
साच पास पहुंचने के लिए पठानकोट से वाया बनीखेत और चुवाड़ी-जोत होते हुए पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति या जम्मू-कश्मीर होते हुए पर्यटक पांगी जाएं तो यहां से भी साच पास की दूरी कम है। पठानकोट से बस या टैक्सी के माध्यम से वाया बनीखेत और तीसा होते करीब 213 किलोमीटर का सफर कर साच पास पहुंच सकते हैं। जिला चंबा मुख्यालय से साच पास की दूरी करीब 130 किलोमीटर है। कांगड़ा के तहत गगल एयरपोर्ट से साच पास की दूरी करीब 237 किलोमीटर है। उधर, दिल्ली से साच-पास की दूरी करीबन 700 किलोमीटर है।