चंबा। भंजराड़ू-शहवा-भड़कवास मार्ग पर साउआ पधरी कार हादसे में बुलवास गांव के राकेश कुमार (44) भी सवार थे। वह लिफ्ट लेकर जल्दी घर पहुंचने के लिए कार में बैठे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह कभी घर नहीं पहुंच पाएंगे। वीरवार को वह निजी काम से भंजराडू गए थे, लौटते वक्त उन्हें राजेश कुमार कार में परिवार के साथ जाते दिखे। उन्होंने उनसे लिफ्ट ली और थोड़ी दूर बार कार खाई में गिर गई। पति राकेश की मौत की खबर सुनकर पत्नी लांबो देवी बेसुध होकर घर की चौखट पर गिर पड़ी। देखते ही देखते गांव के लोग, रिश्तेदार घर पर इकट्ठा होना शुरू हो गए। रोते-बिलखते लांबो देवी ने बताया कि उनका पति रक्षाबंधन का सामान लेने और अपने निजी काम से भंजराडू गए थे। उन्होंने रात तक घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन, अब पूरे 12 घंटों के बाद सफेद कफन में लिपट कर पहुंचे हैं। पूरे परिवार के भरण पोषण का जिम्मा उनके कंधों पर ही रहा। राकेश अपने पीछे पत्नी लांबो देवी (40), बेटा सुरेंद्र कुमार (12), डिंपल (9) और बेटी मनीषा (11) को छोड़ गए।