बनीखेत (चंबा)। सहारा योजना को लेकर भले ही प्रदेश सरकार हर राजनीतिक मंच से अपने भाषणों में वाहवाही लूट रही है लेकिन धरातल पर सरकार इस योजना को सही तरीके से संचालित नहीं कर पा रही है। सरकार ने स्वास्थ्य खंड समोट के तहत 100 लाभार्थियों को योजना के तहत मिलने वाली तीन माह की सहायता राशि का भुगतान नहीं किया है। इससे पता चलता है कि सरकार अपनी ही योजना के सही क्रियान्वयन के लिए बजट का प्रावधान नहीं कर पा रही है।
इन लाभार्थियों में दिव्यांग, कैंसर रोगी सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं जो अपनी बीमारी का इलाज करवाने में असमर्थ हैं। जब इन लाभार्थियों ने योजना में आवेदन देकर अपना पंजीकरण करवाया था तब उनके खाते में 3,000 रुपये मासिक सहायता राशि डाली गई। इससे उन्हें लगा कि अब उन्हें अपनी बीमारी का इलाज करवाने में किसी प्रकार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी लेकिन अप्रैल, मई और जून की सहायता राशि अभी तक उनके खातों में नहीं डाली गई है। तीन माह की राशि का भुगतान न होने से अब उन्हें इस योजना से मिली उम्मीद भी धुंधली नजर आने लगी है।
गौरतलब है कि सहारा योजना के तहत घातक बीमारियों जैसे कैंसर, पार्किसन, पैरालिसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, थैलेसीमिया आदि से संक्रमित लोग आते हैं। उन्हें सरकार योजना के तहत 3,000 रुपये मासिक सहायता का भुगतान करती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि सहारा योजना के तहत जिन लाभार्थियों के खातों में पैसे नहीं डाले गए हैं, उनकी डिटेल बनाकर शिमला निदेशालय में भेज दी गई है। अब वहीं से पैसों का भुगतान किया जाएगा।