चंबा। भारतीय डाक विभाग और प्रदेश सरकार के बीच हुआ एमओयू खत्म होने से प्रदेश के 12 जिलों के हजारों दिव्यांगजनों और वृद्धजनों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
डाकिये अब दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को घर-द्वार पेंशन नहीं पहुंचा रहे हैं। इसके पीछे भारतीय डाक विभाग का प्रदेश सरकार के साथ एमओयू का खत्म होना वजह बताई जा रही है। डाक विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि सरकार विभाग के साथ पुन: अनुबंध करती है तो पहले की तरह दिव्यांग जनों और वृद्धजनाें की पेंशन घर-द्वार पहुंचाई जाएगी।
प्रदेश में दिव्यांगजनों, बुजुर्गो, वृद्ध महिलाओं, विधवाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों की पेंशन डाकिये घर-द्वार पहुंचाते रहे हैं। अब लंबे समय से लाभार्थियों को नजदीकी डाकघरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार तो दिव्यांग परिजनों को हस्ताक्षर करने के बाद पेंशन निकलवाने के लिए डाक विभाग के कार्यालयों में भेज रहे हैं। हस्ताक्षर मिलान न होने या अन्य प्रकार की त्रुटियां होने पर उन्हें बार-बार डाक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ग्राम पंचायत कोहाल निवासी सुनील कुमार ने बताया कि वह 75 प्रतिशत दिव्यांग हैं। शतेवा चिल्ली पंचायत के जय सिंह ने बताया कि वह 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं। तीसा-द्वितीय पंचायत निवासी महेंद्र ठाकुर ने बताया कि वह 90 प्रतिशत तक दिव्यांग हैं। चलने-फिरने में असमर्थ होने के चलते उन्हें अपने परिवारों के सदस्यों को पैसे निकलवाने के लिए भेजना पड़ता है।
डाक विभाग के सुपरिंटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि भारतीय डाक विभाग का सरकार के साथ अनुबंध खत्म हो चुका है। पुन: अनुबंध होने और विभाग के आदेश के बाद ही आगामी पग बढ़ाए जा सकते हैं।