पर्यटन नगरी की ठंडी वादियों में कुछ ज्यादा ही महसूस हो रही सियासत की गर्माहट
नगर परिषद के चुनाव को लेकर बड़े-बड़े नेता करने लगे पर्यटन नगरी का रुख
विशाल आनंद
डलहौजी (चंबा)। पर्यटन नगरी डलहौजी की ठंडी वादियों में इस बार सियासत की गर्माहट कुछ ज्यादा ही महसूस हो रही है। पांच साल की खामोशी के बाद अचानक नेताओं के कदम तेज हो गए हैं।
सवाल अब भी वहीं खड़ा है कि क्या इस बार वादों की गूंज जमीनी सच्चाई में बदलेगी या फिर डलहौजी की सड़कों की तरह उम्मीदें भी गड्ढों में ही दबकर रह जाएंगी।
नगर परिषद चुनाव को लेकर बड़े-बड़े नेता डलहौजी का रुख करने लगे हैं। अगर स्थानीय जनता की बात की जाए तो इन नेताओं का नगर परिषद के चुनावों पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। लोग नगर परिषद के पिछले पांच वर्षों के कार्य का लेखा-जोखा कर रहे हैं। लोगों की मानें तो पांच वर्षों में तो पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई कोशिश की गई और न ही सड़कों या बुनियादी सुविधाओं की सुध ली गई।
विश्व विख्यात पर्यटन स्थल में नगर परिषद की ओर से बिजली बिल न भरने पर कई बार स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन कटने से प्रदेश भर में फजीहत का सामना करना पड़ा। कभी डलहौजी की शान माने जानी वाली सड़क आज बदहाल स्थिति में है। कभी इस सड़क को लवर्स लेन भी कहा जाता था। यह सड़क स्थानीय बस अड्डा से वाया एनएचपीसी गेस्ट हाउस होते हुए कथलग तक जाती है। इस पर अब गाड़ी चलाना तो दूर गड्ढों और गंदगी के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
जुमला ही साबित हुई सांसद की हाई मास्ट लाइट लगाने की घोषणा
सांसद राजीव भारद्वाज की डलहौजी की नगर परिषद के लिए हाई मास्ट लाइट लगाने की घोषणा भी जुमला साबित हुई है। बुनियादी कार्य न होने से पर्यटन नगरी पिछड़ती जा रही है। पर्यटन व्यवसाय भी गिरता जा रहा है। नगर परिषद के चुनाव आते ही नेता चुनावी लॉलीपॉप दिखाते हुए वोटरों को रिझाना शुरू हो गए हैं। अब लोगों की नजर नगर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर टिकी है।
महिला के लिए आरक्षित है अध्यक्ष पद
इस बार नगर परिषद अध्यक्ष का पद महिला (ओपन) होने से इस पद पर सबकी निगाहें हैं। डलहौजी में नगर परिषद के चुनावों को लेकर बैठकों का दौर जारी है। अब धीरे-धीरे आने वाले दिनों में चुनावी जंग रफ्तार पकड़ने वाली है।
फोटो : डलहौजी बस अड्डा से कथलग जाने वाली सड़क की दुर्दशा। संवाद