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Chamba News: बारिश नहीं आई... सूखी जमीन में कर दी गेहूं की बिजाई

Wed, 19 Nov 2025 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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बिना बारिश गेहूं की​ बिजाई करते:
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चंबा। जिले में बारिश हुए एक महीने से अधिक समय हो गया है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खेतों में आवश्यक नमी न होने के बावजूद किसानों ने मजबूरी में गेहूं की बिजाई शुरू कर दी है।
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किसानों में रामपाल सिंह, कमलेश ठाकुर, देस राज, अमरो राम, दीवान चंद, किशोरी लाल, धर्म सिंह, ज्ञान चंद का कहना है कि मौसम अनुकूल न होने से बिजाई में देरी हो रही थी, लेकिन अब समय निकलता देख वे जोखिम उठाने के लिए मजबूर हो गए हैं। सामान्य परिस्थितियों में नवंबर के शुरुआती सप्ताह में गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस वर्ष बारिश न होने से खेत सूखे पड़े हैं।
बार-बार मौसम बदलने की उम्मीद करने के बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ तो किसानों ने सूखी मिट्टी में ही बीज डालना शुरू कर दिया। देर से बिजाई करने पर पैदावार कम होने की संभावना रहती है, इसलिए वे जोखिम लेकर भी बिजाई आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि सलूणी, तीसा और सिल्लाघ्राट के तहत आते क्षेत्र में गेहूं की बिजाई के लिए किसान बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल भी नमी नहीं थी, गेहूं मुश्किल से उगा था। पैदावार आधी रह गई थी। इस बार भी वही हालत है। कूहल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, जिससे ग्रामीण इलाकों में संकट और बढ़ गया है। अब अगर आने वाले दिनों में हल्की भी बारिश हो जाए तो फसल को कुछ राहत मिल सकती। उल्लेखनीय है कि जिले के 18 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं का उत्पादन होता है।

इन दिनों बारिश की काफी जरूरत है। क्योंकि गेहूं की बिजाई का सीजन है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पड़ने पर गेहूं की बिजाई करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में किसान बिजाई शुरू कर दें। डॉ. भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक, कृषि विभाग

अगर अभी बिजाई न करें तो फसल और ज्यादा लेट हो जाएगी। बिना नमी बोई फसल ठीक से उठेगी या नहीं, इसकी चिंता सता रही है। पिछले साल भी बारिश देर से हुई थी, फसल आधी रह गई थी। सुरेश कुमार, किसान
हर दिन आसमान की ओर देखते हैं कि शायद बादल बरस जाएं, लेकिन मौसम बिलकुल सूखा पड़ा है। मजबूरी में बिजाई तो कर दी है, पर पैदावार क्या होगी, कहना मुश्किल है। संजीव कुमार, किसान
बीज, खाद सब महंगा हो गया है। अब बिना नमी के फसल बोने पर दोगुना खतरा है। अगर बारिश अब भी नहीं हुई तो खेत में की मेहनत बर्बाद हो जाएगी। शहीद मोहम्मद, किसान।

किसानों के लिए बारिश ही सबसे बड़ी उम्मीद होती है। इस बार समय पर नमी न मिलने से गेहूं की फसल कमजोर होने का डर है। बिना नमी के ही गेहूं की बिजाई करने को मजबूर हैं। सुभाष राणा, किसान
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