चंबा के तलाई में भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त मकान। स्त्रोत जागरूक पाठक
चंबा। जिले के 30 गांवों में मूसलाधार बारिश की वजह से 30 गांवों में दो दिन से अंधेरा पसरा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग चिलचिलाती गर्मी में भी रातें काटने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, बिजली के अभाव में ग्रामीण दूसरे गांवों को कूच कर अपने मोबाइल चार्ज कर अपना काम चला रहे हैं।
भारी बारिश के चलते आठ मार्ग बंद हो गए थे। इन्हें बहाल कर दिया गया है। नैनीखड्ड के पास अवरुद्ध हुए भरमौर-पठानकोट हाईवे को बहाल कर दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्युत बोर्ड प्रबंधन को विद्युत सप्लाई को सुचारू करने को लेकर आवाज भी उठाई गई। बावजूद इसके समस्या बरकरार है। 12 अगस्त को मूसलाधार बारिश के बाद विकास खंड डलहौजी के अधीन आती ग्राम पंचायत ओरा के गांव तलाई में भारी भूस्खलन से रमेश कुमार पुत्र नाथो राम गांव तलाई और तिलक राज के संयुक्त मकान का आधा हिस्सा, रसोईघर, बाथरूम जमींदोज हो गया। भूस्खलन के दौरान रसोईघर और उसके भीतर रखा राशन, बर्तन भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गए। सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी ने मौके पर पहुंच कर दोनों परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी। साथ ही तिरपाल भी प्रदान कीं। वर्तमान में दोनों प्रभावित परिवार के 10 सदस्य पड़ोसी के घर में रहने को विवश हैं। प्रभावित परिवार के मुखिया मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवारों का निर्वहन कर रहे हैं। उधर, पंचायत प्रधान ओरा हंसराज ने बताया कि दोनों परिवार निर्धन हैं। प्रभावितों को सरकार या प्रशासन की ओर से उपयुक्त सरकारी जमीन और मकान बनाने के लिए सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए। उधर, नायब तहसीलदार भलेई भोपेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर प्रभावितों को 5-5 हजार रुपये की फौरी राहत और तिरपाल दी हैं।