गर्भवतियों के नहीं होते अल्ट्रासाउंड, मशीनें फांक रहीं धूल, स्टाफ भी नहीं
भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनकराज ने विधानसभा सत्र में मंत्री के समक्ष रखीं स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याएं
बोले - स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया गया तो सदन में दोबारा नहीं उठाएंगे मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। जिला चंबा के स्वास्थ्य संस्थानों में अल्ट्रासाउंड सुविधा, रेडियोेलॉजिस्ट न होने और स्टाफ की कमी का मुद्दा विधानसभा में खूब गूंजा। बीते मंगलवार को भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने जिले में मिल रहीं लचर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि इस बार भी उनके विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया गया तो वह दोबारा कभी यह मुद्दा विधानसभा सत्र में नहीं उठाएंगे।
कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जितने भी स्वास्थ्य संस्थान हैं, वहां गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। अल्ट्रासाउंड मशीनें धूल फांक रही हैं। इन्हें चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। भरमौर विस क्षेत्र में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के 127 पद स्वीकृत हैं। इनमें 87 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार किस प्रकार से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकती है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। सुराल में पूर्व सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला था। इसमें लोग बीमारी का इलाज करवा रहे थे। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बंद कर दिया। ऐसे में वहां के मरीजों को बर्फ में 25 किलोमीटर पैदल चलकर बीमारी के इलाज के लिए किलाड़ जाना पड़ रहा है। यही हाल कुमार परमार का है। लोग उन्हें मरीज को बर्फ में उठाकर लेकर जाने वाले वीडियो बनाकर भेज रहे हैं। कहा कि वर्तमान सरकार आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की बात कर रही है। सरकार को ऐसे संस्थान का शुभारंभ उनके विधानसभा क्षेत्र से करना चाहिए।
सदन में गूंजा अमर उजाला, मंत्री के समक्ष रखीं खबरों की प्रतियां
भरमौर के विधायक ने सदन में स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी सहित अन्य समस्याओं को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबरों की प्रतियां भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखीं।असुरक्षित भवन में चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी के मामले को भी उठाया। भरमौर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड न होने को लेकर प्रकाशित खबरों की प्रतियां भी मंत्री के समक्ष रखीं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि इन स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ सहित अन्य कमियों को जल्द दूर करने की मांग की।