चंबा। आकांक्षी जिला चंबा के मेडिकल कॉलेज में अभी तक आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पाई है। मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा या आईजीएमसी शिमला रेफर किया जा रहा है।
चंबा की पौने छह लाख आबादी आईसीयू सुविधा के लिए दूसरे जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर है। चंबा में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पाई है। गंभीर हालत में यहां से रेफर किए जाने वाले मरीज कई बार टांडा पहुंचने से पहले बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा में आईसीयू के मुद्दे को लेकर हालांकि भरमौर के विधायक डाॅ. जनक ने पिछले विधानसभा सत्र में आवाज उठाई थी। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से रिकॉर्ड भी मांगा था, लेकिन सत्र खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो पाई।
चंबा जिले की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य जिलों से काफी विपरीत हैं। जिले में आए दिन वाहन या अन्य दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हादसों में घायल होने वाले लोगों को कई बार आईसीयू की जरूरत पड़ती है। ऐसे हालातों में मेडिकल कॉलेज से मरीज को टांडा रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में गंभीर हालत में कई बार मरीज टांडा पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरोल में मेडिकल कॉलेज का नया भवन बन रहा है। इस भवन के चालू होने पर मरीजों को आईसीयू की सुविधा भी मिलेगी। सरोल में आईसीयू जैसी सुविधा वाला क्रिटिकल केयर यूनिट का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने अलग से बजट का प्रावधान किया है।