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Chamba News: चुवाड़ी सब डिपो में नहीं ऑनलाइन टिकट बुकिंग काउंटर की सुविधा

Sun, 18 May 2025 06:27 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चुवाड़ी (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र भटियात की 40 पंचायतों की 80 हजार आबादी के लिए खुले हिमाचल पथ परिवहन निगम के सब डिपो चुवाड़ी में बस की टिकट बुक करवाने की सुविधा तक नहीं हैं। सब डिपो में टिकट बुकिंग काउंटर न होना इसकी मुख्य वजह है। आलम, ये है कि लंबी दूरी का सफर तय करने के लिए यात्रियों को एचआरटीसी के चंबा डिपो से ही टिकट बुक करवानी पड़ती है। 14 दिसंबर 2002 को तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शांता कुमार, तत्कालीन उद्योग मंत्री किशोरी लाल एवं तत्कालीन परिवहन मंत्री किशन कपूर की मौजूदगी में सब डिपो का उद्घाटन हुआ था। अब तक सब डिपो की सहूलियतें यहां पर मिलती नजर नहीं आ रही हैं। चौंकाने वाली बात यहां ये भी है कि दिल्ली, कुल्लू-मनाली, अमृतसर, जम्मू के लिए बस लेने के लिए सवारियों को 56 किलोमीटर का सफर तय कर पठानकोट का रुख करना पड़ता है। तब भी उन्हें समय पर बस मिल जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। चुवाड़ी स्थित सब डिपो में वर्कशॉप की सहूलियत तक नहीं है। एचआरटीसी चंबा डिपो के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। सब डिपो में मूलभूत सुविधाओं के लिए निगम प्रबंधन को लिखा गया है।
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चुवाड़ी के लोगों को सब डिपो का लाभ नहीं मिल पाया है। आज भी लंबी दूरी की बसों की टिकट बुक करवाने के लिए चंबा जाना पड़ता है। बाहरी राज्यों या जिलों के लिए पठानकोट से ही बसें लेनी पड़ती हैं।
-अभिनय रैणा, स्थानीय ग्रामीण

वर्ष 2002 में सब डिपो का उद्घाटन होने पर चुवाड़ी वासियों को नई उम्मीदें जगी थीं। समय बीतने के बाद भी सब डिपो का भरपूर लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों की मुसीबतें बढ़ी हैं।
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महेंद्र सिंह, स्थानीय ग्रामीण।

दिल्ली, कुल्लू-मनाली, अमृतसर, जम्मू के लिए बस लेने के लिए सवारियों को 56 किलोमीटर का सफर तय कर पठानकोट का रुख करना पड़ता है। जिससे लोगों को सफर तय करने के लिए अतिरिक्त शुल्क अदा करना पड़ रहा है।
कुलदीप सिंह, स्थानीय ग्रामीण।

सब डिपो में वर्कशॉप का भी अभाव है। यहां पर मेकेनिक होने के बाद भी कलपुर्जों की कमी के कारण परेशानियां पेश आती रही हैं। लिहाजा, रूट पर खराब होने वाली बस कब मरम्मत होकर सड़क पर दौड़ेगी, इसका कोई पता नहीं होता है।
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-सुशील शर्मा, स्थानीय ग्रामीण।
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