युवा बोले-भले ही वर्दी नहीं पहनी, देश के लिए मर-मिटने को हैं तैयार
सेना में सेवाएं देने के लिए मैदानों और सड़कों पर पसीना बहा रहे जिले के युवा
युवाओं में देखते ही रहा बन रहा देश सेवा का जज्बा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के युवाओं में देश सेवा का जोश देखते ही बनता है। पुलिस मैदान बारगाह समेत गांव की सड़कों पर अधिकांश युवा सेना की वर्दी पहनने की चाह लिए पसीना बहाते साफ देखे जा सकते हैं। युवा वर्ग का सिंदूर ऑपरेशन के बाद जोश दोगुना हो गया है। युवा हर कीमत पर अब सेना में भर्ती होना चाहते हैं। इसके लिए वे दिन-रात पसीना बहा रहे हैं। युवाओं ने साफ किया है कि भारत की सरहद पर दिन-रात सर्दी-गर्मी की परवाह किए बगैर एक सैनिक के डटे रहने की वजह से ही लोग अपने घरों में आराम से सो पाते हैं। देश सेवा का जज्बा लिए सेना की भर्ती की तैयारियों में डटे युवाओं ने संवाददाता से खुलकर अपने दिल की बात कही।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरे देश के लोगों का खून खौल रहा है। भारत के निर्दोष लोगों पर आतंकियों ने हमला कर अपनी कायरता का प्रमाण दिया है। देश सेवा की चाह लिए ही सेना में भर्ती की तैयारी में जुटा हूं।
योगेश शर्मा, पुत्र सुदेश चंद, चंबा शहर
हमें अपने देश के वीर जवानों पर पूरा विश्वास है। जरूरत पड़ने पर देश का युवा वर्ग भी देश के लिए प्राणों को न्योछावर करने से पीछे नहीं रह सकता है। भले ही अभी सेना की वर्दी नहीं पहनी है लेकिन, हम अपने देश के लिए मर मिटने को तैयार हैं।
अभिषेक, पुत्र किशन चंद, बालू
जिस तरह हमारे देश की सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उसे देखकर मेरा खून खौलता है। आने वाले समय में अगर फिर से हमारे देश में आतंकी घटना होती है तो हम भी अपनी जान पर खेल कर दुश्मनों की धज्जियां उड़ाने का दम रखते हैं।
आयुष महाजन, पुत्र धीरज महाजन, सरोल
देश से बढ़कर कुछ नहीं होता है। सरहद पर वीर सैनिकों के डटे होेने से ही लोग अपने घरों में चैन से सोते हैं। ये कारगिल युद्ध और सिंदूर ऑपरेशन ने साफ कर दिया है। सेना में जाने की चाह से ही भर्ती की तैयारी के लिए मेहनत कर रहा हूं।
अंजुम पुत्र मुस्ताक, चंबा शहर